मेरा घर है कहाँ? - कविता
मेरा घर है कहाँ? मेरा घर मेरा परिवार ढूंढता हूँ मैं आज कोई मुझे बतला दो मेरा घर है कहाँ? जन्म किसी स्थान पर लिया पढ़ने कहीं और गया नौकरी कहीं और की मेरा घर है कहाँ सोचा एक घर बनाएं मिलकर उसे आज सजाएं आंधी चली पत्ता उड़ा मेरा घर है कहाँ सुकून मेरा है कहाँ आराम अब मिलेगा कहाँ चैन अब तक न पाए है मेरा घर है कहाँ अंत समय कहाँ गुजरेगा मोक्ष मुझे कब मिलेगा ये सोच दिल में आये मेरा घर है कहाँ